भोपाल रिपोर्टर एम तोमर,

  • अवैध कालोनियों पर कसेगी नकेल, लागू होगा नया नियम

मोहन सरकार के कैबिनेट मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय ने बताया- जून तक मध्य प्रदेश के इंदौर-भोपाल और जबलपुर के लिए मास्टर प्लान लाया जाएगा, अवैध कालोनियों को रोकने के लिए नया नियम बनेगा।

नियम लागू होगा। इससे अवैध कालोनियों के नियम और सख्त:-

मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहीं अवैध कालोनियों पर नकेल लगाने के लिए प्रदेश की मोहन सरकार जल्द ही नगरीय निकाय और गांव में कामन बिल्डिंग परमिशन (एक जैसी भवन अनुज्ञा) की व्यवस्था लागू करने जा रही है। गांव और शहर में एक जैसी भवन अनुज्ञा के लिए नए यूनिफार्म (एकरूप) नियम लागू होगा। इससे अवैध कालोनियों के नियम और सख्त होंगे। वहीं जून तक राजधानी भोपाल, इंदौर के साथ जबलपुर का मास्टर प्लान भी लाया जाएगा। बता दें कि इस बात की जानकारी शुक्रवार को मंत्रालय में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया को दी।

Government Rule for illigal Colonies MP

इंदौर के विकास को लेकर मंत्रालय में हुई बैठक के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान विजयवर्गीय ने बताया कि इंदौर और भोपाल को रिसीविंग जोन बनाया जाएगा और 24 मीटर या इससे अधिक चौड़ी सड़कों को लेकर जनरेटिंग जोन बनाया जाएगा। इन सड़कों का 0.5 एफएआर भी बढ़ाया जाएगा। भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर उन्होंने कहा कि भोपाल मास्टर प्लान के लिए हम जनता से रायशुमारी करेंगे, इसके बाद ही मास्टर प्लान लाया जाएगा।

नेताओं ने अधिकारी की बैठक ली:-

विजयवर्गीय ने क्रेडाई के पदाधिकारियों, अलग-अलग इलाकों के जनप्रतिनिधियों और विभाग के अफसरों के साथ बैठक भी की, जिसमें उन्होंने कहा कि इंदौर शहर के सुनियोजित विकास के लिए सभी निर्माण एजेंसियों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने शहर के सभी विकास कार्यों को टाइम-फ्रेम में पूरा करने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर जल-संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, मेयर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, रमेश मेंदोला और राकेश गोलू शुक्ला भी मौजूद थे।

जून तक पूरा कर लिया जाएगा इंदौर मास्टर प्लान:-

बैठक में इंदौर के मास्टर प्लान पर भी चर्चा को लेकर उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जून-2024 तक पूरा हो जाएगा। इंदौर को वर्ल्ड क्लास सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। स्वच्छतम शहर की निरंतरता को रखते हुए शहर का विकास किया जाएगा। शहर के जनसंख्या संतुलन को दृष्टिगत रखते हुए महानगरीय क्षेत्र में ग्रोथ सेंटर एवं सेटेलाइट टाउन का विकास किया जाएगा। बैठक में इंदौर मेट्रो पर चर्चा की गई। इंदौर मेट्रो की लागत सात हजार 500 करोड़ रुपए है। इसे तीन फेज़ में पूरा करेंगे। बैठक में शहर की रिंग रोड, एलिवेटेड कारिडोर, हुकुमचंद मिल परिसर के री-डेवलपमेंट विषय पर भी चर्चा हुई।

नगर निगम को टारगेट:-

विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर के विकास के लिए राज्य सरकार पर्याप्त राशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने नगर निगम को आय बढ़ाने के प्रयास करने के साथ विभागों पर बकाया रकम की वसूली पर ध्यान देने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर की विभिन्न एजेंसियों की सड़कों पर बोर्ड लगाकर प्रदर्शित किया जाए कि इनका संधारण किस एजेंसी द्वारा किया जा रहा है। बोर्ड में संपर्क अधिकारी के नाम भी उल्लेखित हो। इस व्यवस्था से लोगों को सुविधा होगी। प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास नीरज मंडलोई ने बताया कि इंदौर शहर के विकास के लिए केंद्र सरकार से 1500 करोड़ रुपए की अनुदान राशि मिली है। बैठक में मौजूद जन-प्रतिनिधियों ने इसका स्वागत किया।